कानपुर होकर दिल्ली, आगरा को जाने वाली आगरा इंटरसिटी, ऊंचाहार एक्सप्रेस सहित 45 ट्रेनें लगभग डेढ महीने निरस्त रहेंगी। टुंडला रेलवे स्टेशन पर ट्रैक उच्चीकरण का काम 8 सितंबर से शुरू होगा जो 17 नवंबर तक चलेगा। इसी के चलते 45 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। जबकि सियालदह-आनंद विहार एक्सप्रेस सहित 35 ट्रेनें बदले रास्ते से चलेंगी। निरस्त ट्रेनों में अधिकतर साप्ताहिक ट्रेनें शामिल हैं।

12179-12180 आगरा इंटरसिटी 9 सितंबर से 20 अक्तूबर, 12419-12420 गोमती एक्सप्रेस 9 सितंबर से 20 अक्तूबर, 14217-14218 ऊंचाहार 30 सितंबर से 9 अक्तूबर, 13413-13414 फरक्का एक्सप्रेस 29 सितंबर से 11 अक्तूबर, 14005-14006 लिच्छवी एक्सप्रेस 28 सितंबर से 10 अक्तूबर, 14151-14152 कानपुर से आनंद विहार एक्सप्रेस 29 सिंतबर से 6 अक्तूबर, 12311-12312 कालका मेल 19 अक्तूबर 12397-12398 महाबोधि एक्सप्रेस 19 व 20 अक्तूबर। इनके सहित कानपुर टुंडला मेमू सहित 45 ट्रेनें अलग-अलग तिथियों में निरस्त रहेंगी।

छोटे-बड़े पहियों की वजह से बेपटरी हुई थे मेमू ट्रेन
कानपुर सेंट्रल पर बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई एलसी (64201 मेमू) की जांच में पाया गया कि ट्रेन के छठवें कोच के पहिए छोटे बड़े थे। रेलवे के टीएक्सआर, इंजीनियरिंग समेत चार विभागों की संयुक्त जांच में यह हैरतअंगेज तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला कि एक पहिए की चौड़ाई 7 मिमी व दूसरे की पांच थी। मुख्यालय को भेजी गई संयुक्त जांच में इसका उल्लेख किया गया है। जांच में यह भी पता चला कि मेमू की इस रैक का मेंटीनेंस गाजियाबाद के छिपियाना में किया गया था। संयुक्त जांच में उदाहरण दिया गया है कि जिस तरह कोई वाहन चलते समय पंचर हो जाए तो कम स्पीड में भी लहराता है और कहीं न कहीं जाकर भिड़ जाता है। ट्रेन कोच का पहिया छोटा-बड़ा था तो पटरियों पर चलते समय लहराया और दो कोच बेपटरी हो गए। कार्रवाई पर फैसला सोमवार को होगा।