रेल मंत्रलाय ने देशभर में 100 से अधिक ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट लगाने का फैसला किया है। इस प्लांट से पांच मिनट से भी कम समय में पूरी ट्रेन धुलकर बाहर आ जाएगी। पानी की खपत मैन्युअल की अपेक्षा 95 फीसदी कम होगी।

इसका सबसे बड़ा फायदा रेल यात्रियों को होगा, क्योंकि लेट होने के बावजूद उन्हें साफ सुथरी ट्रेन समय पर प्लेटफॉर्म पर खड़ी मिलेगी।वर्तमान में रेलवे स्टेशन की वाशिंग लाइन पर पाइप के जरिये ट्रेन की धुलाई मैन्युअल होती है।

इसमें ट्रेन की भीतर-बाहर धुलाई व टॉयलेट में पानी भरने में 20 से 30 मिनट का वक्त लग जाता है। कोहरे के समय दिल्ली, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना, रांची, देहरादून, जम्मू, भोपाल आदि स्टेशनों पर लेटलतीफी के कारण ट्रेन की लाइन लग जाती है। समय पर ट्रेन चलाने के दबाव में कई बार बगैर धुलाई के प्लेटफार्म पर खड़ी कर दी जाती है।

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रमुख स्टेशनों पर ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट (एसीडब्ल्यूपी) लगाने से उक्त समस्या का समाधान हो जाएगा। प्लांट में चलती हुई ट्रेन की पांच मिनट से कम समय में धुलाई हो जाएगी।

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